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बारामती विमान हादसे में अजित पवार का निधन, पीएम मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू ने जताया दुख

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बारामती विमान हादसे में अजित पवार का निधन, पीएम मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू ने जताया दुख वास्तविकता दर्शन समाचार, इंदौर          महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के बारामती में हुए चार्टर्ड विमान हादसे में डिप्टी सीएम अजित पवार का निधन हो गया. DGCA ने हादसे में सवार सभी 5-6 लोगों की मौत की पुष्टि की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई राजनीतिक नेताओं ने इस दुखद घटना पर शोक जताया है।       महाराष्ट्र के बारामती (पुणे ज़िले) मे आज सुबह हुआ विषम विमान हादसा है, जिसमें डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार समेत सभी यात्रियों की मौत हो गई। समाचार एजेंसी PTI और भारत के नागरिक उड्डयन नियामक DGCA दोनों ने इस हादसे की पुष्टि की है।  हादसे का सार          आज सुबह अजित पवार के विमान ने बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान क्रैश-लैंडिंग की कोशिश की। विमान भूमि पर पहुंचने से पहले ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया और भारी आग लग गई। विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई। कौन-कौन थे सवार? डिप्टी सीएम अजित पवार उनके साथ उनकी सुरक्षा व टीम के ...

संकट भय व शत्रुओं से मुक्ति दिलाती है भगवान काल भैरव की पूजा, जानें विधि और मंत्र

काल भैरव, अष्ट भैरव, चंड भैरव, क्रोध भैरव, उन्मत्त भैरव, कपाल भैरव, भीषण भैरव और संहार भैरव, ये भगवान भैरव के आठ स्वरूप है। इन अष्ट स्वरूपों के नामों का स्मरण या उच्चारण करने से भगवान भैरव साधक की आठों दिशाओं से रक्षा करते हैं।
वास्तविकता दर्शन का धर्म दर्शन


        इंदौर। कलयुग में भगवान काल भैरव की साधना विशेष और शीघ्र फल देने वाली मानी गई है। भगवान भैरव शिव जी का ही अवतार हैं। काल भैरव भगवान की पूजा कई प्रारूपों में की जाती है। इन सभी रूपों में लोग  ज्यादा बटुक भैरव की पूजा आराधना करते हैं क्योंकि यह इनका सौम्य रूप माना गया है। भगवान भैरव की आराधना से लोगों को भय, आशंकाओं और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है। शत्रु बाधा से मुक्ति पाने के लिए भी भगवान बटुक भैरव की पूजा बहुत लाभदायक मानी गई है। कुंडली में शनि, राहु या केतु की महादशा हो तब भी भगवान भैरव की साधनी की जाए तो सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है।
▪️जानते हैं कौन से दिन और किस विधि एवं मंत्र के साथ करें भगवान भैरन की पूजा
      भगवान भैरव की पूजा आराधना और उनके नामों का स्मरण वैसे तो किसी भी दिन की जा सकता है, लेकिन इनकी पूजा के लिए भैरव अष्टमी, रविवार, बुधवार और गुरुवार के दिन श्रेष्ठ रहते हैं। इन दिनों पर भगवान भैरव की साधना-आराधना विशेष फलदायी होती है।


      किसी भी देवी-देवता की पूजा के लिए मंत्रों का विशेष महत्व माना जाता है। इसलिए भगवान भैरव की पूजा करते समय भी कुछ मंत्रों का जाप कर सकते हैं। इन मंत्रों का जाप श्रद्धापूर्वक करने से जीवन से जुड़ी किसी भी प्रकार की बाधा या संकट से मुक्ति मिलती है। भगवान काल भैरव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए इनमें से किसी एक मंत्र का जाप कर सकते हैं। इन मंत्रों का जाप स्फटिक की माला से करना चाहिए।
ॐ कालभैरवाय नम:।
ॐ भयहरणं च भैरव:।
ॐ भ्रां कालभैरवाय फट्।
ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरू कुरू बटुकाय ह्रींं।


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