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अवैध मदिरा की 101 पेटी जप्त, जिलाबदर कुख्यात तस्कर के घर पर आबकारी का बड़ा एक्शन

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वास्तविकता दर्शन समाचार, इंदौर । मदिरा के अवैध रूप से क्रय-विक्रय, भण्डारण तथा परिवहन करने वालों के विरूद्ध इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए जिलाबदर कुख्यात तस्कर के घर पर छापा डालकर बड़ी मात्रा में अवैध मदिरा जप्त की गई।         यह कार्रवाई सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी के मार्गदर्शन में कंट्रोलर देवेश चतुर्वेदी, डिप्टी कंट्रोलर मनोज अग्रवाल एवं फ्लाइंग स्क्वॉड प्रभारी कमलेश सोलंकी द्वारा वृत्त सांवेर अंतर्गत ग्राम बड़ोदिया खान में की गई। आबकारी विभाग द्वारा प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुख्यात शराब तस्कर महेश उर्फ एन.डी. के निवास से अवैध मदिरा जप्त की गई। कार्यवाही के दौरान कुल 62 पेटी देशी मदिरा (558 बल्क लीटर), 35 पेटी विदेशी मदिरा स्प्रिट (315 बल्क लीटर) तथा 4 पेटी विदेशी मदिरा बीयर (48 लीटर) जप्त की गई। इस प्रकार कुल 101 पेटी देशी एवं विदेशी मदिरा, कुल 921 बल्क लीटर मदिरा बरामद की गई। उक्त आरोपी पूर्व में जिलाबदर भी रह चुका है, जिससे उसकी आपराधिक प्रवृत्ति स्पष्ट होती है।  उक्त कार्यवाही में आबकारी विभाग की टीम, जिसमें एडी...

संकट भय व शत्रुओं से मुक्ति दिलाती है भगवान काल भैरव की पूजा, जानें विधि और मंत्र

काल भैरव, अष्ट भैरव, चंड भैरव, क्रोध भैरव, उन्मत्त भैरव, कपाल भैरव, भीषण भैरव और संहार भैरव, ये भगवान भैरव के आठ स्वरूप है। इन अष्ट स्वरूपों के नामों का स्मरण या उच्चारण करने से भगवान भैरव साधक की आठों दिशाओं से रक्षा करते हैं।
वास्तविकता दर्शन का धर्म दर्शन


        इंदौर। कलयुग में भगवान काल भैरव की साधना विशेष और शीघ्र फल देने वाली मानी गई है। भगवान भैरव शिव जी का ही अवतार हैं। काल भैरव भगवान की पूजा कई प्रारूपों में की जाती है। इन सभी रूपों में लोग  ज्यादा बटुक भैरव की पूजा आराधना करते हैं क्योंकि यह इनका सौम्य रूप माना गया है। भगवान भैरव की आराधना से लोगों को भय, आशंकाओं और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है। शत्रु बाधा से मुक्ति पाने के लिए भी भगवान बटुक भैरव की पूजा बहुत लाभदायक मानी गई है। कुंडली में शनि, राहु या केतु की महादशा हो तब भी भगवान भैरव की साधनी की जाए तो सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है।
▪️जानते हैं कौन से दिन और किस विधि एवं मंत्र के साथ करें भगवान भैरन की पूजा
      भगवान भैरव की पूजा आराधना और उनके नामों का स्मरण वैसे तो किसी भी दिन की जा सकता है, लेकिन इनकी पूजा के लिए भैरव अष्टमी, रविवार, बुधवार और गुरुवार के दिन श्रेष्ठ रहते हैं। इन दिनों पर भगवान भैरव की साधना-आराधना विशेष फलदायी होती है।


      किसी भी देवी-देवता की पूजा के लिए मंत्रों का विशेष महत्व माना जाता है। इसलिए भगवान भैरव की पूजा करते समय भी कुछ मंत्रों का जाप कर सकते हैं। इन मंत्रों का जाप श्रद्धापूर्वक करने से जीवन से जुड़ी किसी भी प्रकार की बाधा या संकट से मुक्ति मिलती है। भगवान काल भैरव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए इनमें से किसी एक मंत्र का जाप कर सकते हैं। इन मंत्रों का जाप स्फटिक की माला से करना चाहिए।
ॐ कालभैरवाय नम:।
ॐ भयहरणं च भैरव:।
ॐ भ्रां कालभैरवाय फट्।
ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरू कुरू बटुकाय ह्रींं।


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