अदाणी मुद्दे पर सदन में संग्राम: सिंघार के आरोपों पर विजयवर्गीय का पलटवार, 5 मिनट स्थगित हुई कार्यवाही
वास्तविकता दर्शन समाचार, इंदौर
महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन को 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान अपने भाषण में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का नाम न लेने के कारण भारी विवाद का सामना करना पड़ा। यह मामला तब और गरमा गया जब नासिक में आयोजित परेड के दौरान महिला वन अधिकारी माधवी जाधव ने खुले मंच पर इस चूक पर आपत्ति जताई।
माधवी जाधव ने मंत्री से सवाल किया कि संविधान निर्माता डॉ. आंबेडकर का नाम भाषण में क्यों नहीं लिया गया, और कहा कि वे इसके विरोध में निलंबन जैसी कार्रवाई से भी नहीं डरतीं। उनके इस साहसिक विरोध ने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अधिकारियों और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी।
विवाद बढ़ने के बाद मंत्री गिरीश महाजन ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे “अनजाने में हुई चूक” बताया और खेद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अपने भाषण में उन्होंने भारत माता और छत्रपति शिवाजी महाराज के नारे लगाए थे, लेकिन डॉ. आंबेडकर का नाम छूट जाना जानबूझकर नहीं था।
हालांकि विपक्षी दलों ने इस स्पष्टीकरण को नकारते हुए इसे डॉ. आंबेडकर का अपमान करार दिया और मंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की। विपक्ष का कहना है कि गणतंत्र दिवस जैसे अवसर पर संविधान निर्माता को नज़रअंदाज़ करना केवल भूल नहीं, बल्कि सोच का प्रतिबिंब है।
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